अंबाला। हरियाणा के अंबाला के गांव बटरोहन में मनरेगा के पैसों में घोटाले का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस की तरफ बटरोहन गांव के सरपंच राजिंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। रविवार आरोपी सरपंच को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। हालांकि पुलिस ने सरपंच का रिमांड मांगा था, लेकिन कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है। अब पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है। इसके बाद ही सारा मामला सामने आ पाएगा।
दरअसल, मनरेगा के पैसों का घोटाला अंबाला सिटी के अधीन बटरोहन गांव में हुआ था। बीडीपीओ से मिली शिकायत के आधार पर नग्गल थाना पुलिस ने 11 मार्च को मामला दर्ज किया था। इसमें बटरोहन गांव के सरपंच राजिंद्र, सुरेंद्र पाल और कृष्ण लाला को आरोपी बनाया गया।
यह था मामला
अंबाला एक बीडीपीओ की शिकायत के अनुसार राजेंद्र ने अपने पद का दुरुपयोग किया। उसने फर्जी तरीके से अपने ही भाई सुरेंद्र पाल और कृष्ण लाल के खाते में बिना काम किए ही मनरेगा के तहत पैसे डलवा दिए। सुरेंद्र के खाते में 35 हजार 724 रुपये तो वहीं कृष्ण लाल के खाते में 51 हजार 803 रुपये डाले गए। इसकी जांच के लिए कमेटी बनाई गई। कमेटी की रिपोर्ट में पाया गया कि सरपंच ने गलत तरीके से सुरेंद्र व कृष्ण के खाते में पैसे डलवाए हैं। इसके आधार पर सरपंच सहित अन्य दो लोगों के खिलाफ 406, 420, 409, 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले भी अंबाला के एक सरपंच को गलत तरीके से पैसे का इस्तेमाल करने पर निलंबित किया जा चुका है।
क्या कहती है पुलिस
नग्गल थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह का कहना है कि बीडीपीओ की शिकायत पर तीन व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से बटरोहन गांव सरपंच राजेंद्र को गिरफ्तार करके रविवार को कोर्ट में पेश किया था। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जबकि अन्य दो आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।