Breaking News
बदमाशों ने युवक पर लाठी-डंडों से किया जानलेवा हमला, हालत गंभीर 
बदमाशों ने युवक पर लाठी-डंडों से किया जानलेवा हमला, हालत गंभीर 
उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियों की समीक्षा
उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियों की समीक्षा
आईपीएल 2025 के 16वें मुकाबले में आज लखनऊ सुपर जाएंट्स से भिड़ेगी मुंबई इंडियंस
आईपीएल 2025 के 16वें मुकाबले में आज लखनऊ सुपर जाएंट्स से भिड़ेगी मुंबई इंडियंस
कुछ लोगों की निजी जागीर बनकर रह गया था वक्फ बोर्ड- महाराज
कुछ लोगों की निजी जागीर बनकर रह गया था वक्फ बोर्ड- महाराज
युवक ने अपनी पत्नी की बेरहमी से गला काटकर की हत्या, आरोपी फरार 
युवक ने अपनी पत्नी की बेरहमी से गला काटकर की हत्या, आरोपी फरार 
सिनेमाघरों में नहीं चला मोहनलाल की फिल्म  ‘एल 2 एम्पुरान’ का जादू, लगातार घट रही कमाई
सिनेमाघरों में नहीं चला मोहनलाल की फिल्म  ‘एल 2 एम्पुरान’ का जादू, लगातार घट रही कमाई
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन, डीएम के सतत् प्रयास, मुख्यधारा में लौटते बच्चे
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन, डीएम के सतत् प्रयास, मुख्यधारा में लौटते बच्चे
वक्फ बिल को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने- सामने
वक्फ बिल को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने- सामने
क्या आप भी हैं फैटी लिवर की समस्या से परेशान, तो आइये जानते हैं इसके कारण और बचाव के उपाय
क्या आप भी हैं फैटी लिवर की समस्या से परेशान, तो आइये जानते हैं इसके कारण और बचाव के उपाय

आम लोगों को तगड़ा झटका

आम लोगों को तगड़ा झटका

खुदरा महंगाई के बाद अब थोक महंगाई ने भी आम लोगों को तगड़ा झटका दिया है। जून महीने में खुदरा महंगाई दर बढक़र 5.08 फीसद पर पहुंच गई थी जो चार महीने का उच्चतम स्तर है।

अब थोक महंगाई ने भी लगातार चौथे महीने बढ़त दिखाई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि थोक महंगाई बढऩे की मुख्य वजह खाद्य पदाथरे, कच्चे तेल तथा प्राकृतिक गैस, खनिज तेल तथा अन्य विर्निमित वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि रही। गौरतलब है कि थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई मई में 2.61 फीसद के स्तर पर थी। जून, 2023 में यह शून्य से 4.18 फीसद नीचे रही थी। फरवरी, 2023 में यह 3.85 फीसद थी।

खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर जून में 10.86 फीसद बढ़ी जबकि मई माह में यह 9.82 फीसद थी। सब्जियों की महंगाई दर जून में 38.76 फीसद रही जो मई माह में 32.42 फीसद थी। प्याज की महंगाई दर 66.37 फीसद रही जबकि आलू की महंगाई दर 66.37 फीसद रही। दालों में भी 21.64 फीसद की बढ़त दर्ज की गई। फलों, अनाज, दूध आदि अन्य खाद्य पदाथरे के दामों में भी बढ़त का रुझान रहा। दरअसल, जून माह में थोक दामों में बढ़ोतरी व्यापक रही।

ईधन और बिजली को छोडक़र सभी प्रमुख क्षेत्रों में दाम बढ़े। बेशक, जुलाई माह में कुछ राहत मिलने के अनुमान है। अनुकूल तुलनात्मक आधार के साथ-साथ वैश्विक जिंस कीमतों में कुछ नरमी के कारण जुलाई माह में थोक महंगाई में दो फीसद तक नरमी आने की उम्मीद अर्थशास्री जतला रहे हैं। अलबत्ता, नरमी की संभावना को कच्चे तेल के दामों में अस्थिरता से झटका लग सकता है।

जुलाई माह में कच्चे तेल के दामों में अस्थिरता के चलते मांग-आपूर्ति के मद्देनजर मासिक आधार पर कच्चे तेल में वृद्धि का रुझान देखने को मिला तो थोक महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। बेशक, थोक महंगाई में बढ़त का रुझान केंद्रीय बैंक को उतना चिंता में नहीं डालता जितना खुदरा महंगाई का रुझान।

भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति तैयार करते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है। लेकिन यह भी सच है कि थोक दामों का असर भी खुदरा महंगाई पर कुछ समय बाद दिखलाई पडऩे लगता है। फिर, धारणा से भी निश्चित ही आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं, जिससे इनकार नहीं किया जा सकता। बहरहाल, कर संग्रह आदि आर्थिक संकेतक मजबूत हैं, जिससे दामों के सीजनल दबावों से पार पाने में मदद मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top