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गुजरात के साथ होंगे दिल्ली में चुनाव!

क्या दिल्ली में नगर निगम का चुनाव होने वाला है? यह बड़ा सवाल है और आम आदमी पार्टी के नेता इसे लेकर बहुत परेशान हैं। पिछले कुछ दिनों में ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनसे लग रहा है कि बहुत जल्दी चुनाव की घोषणा होने वाली है। केंद्र सरकार ने दिल्ली में नगर निगम की सीटों के परिसीमन को मंजूरी दे दी है और जल्दी ही उसकी अधिसूचना जारी होगी। इसके साथ ही सीटों के आरक्षण की भी घोषणा होने की संभावना है, जिसके बाद चुनाव का रास्ता साफ हो जाएगा। ध्यान रहे अभी तक गुजरात में चुनाव की घोषणा नहीं हुई है और दिवाली के बाद किस भी दिन घोषणा हो सकती है।

गौरतलब है कि दिल्ली के तीनों नगर निगमों का विलय करके ढाई सौ सीट का एक ही निकाय बनाया गया है। इसके लिए सीटों का परिसीमन किया गया था, जिसकी रिपोर्ट मंजूर हो गई है। तीनों निगमों के विलय और परिसीमन की प्रक्रिया की वजह से ही नगर निगम के चुनाव टले थे। ऐन चुनावों की घोषणा के दिन ही चुनाव टाल दिया गया था। लेकिन अब लग रहा है कि जल्दी ही चुनाव की घोषणा होगी। परिसीमन की मंजूरी और आरक्षण की प्रक्रिया तेज होने के साथ साथ राजनीतिक घटनाएं भी तेजी से हो रही हैं। चुनाव की तत्काल घोषणा में एक समस्या यह है कि कांग्रेस ने परिसीमन को अदालत में चुनौती दी है।

खबर है कि भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली के उन तमाम नेताओं को गुजरात से वापस दिल्ली आने को कहा है, जो वहां प्रचार के लिए गए थे। हिमाचल में भी प्रचार कर रहे दिल्ली भाजपा के नेता वापस बुलाए जा रहे हैं। इस बीच भाजपा के शीर्ष नेताओं की दिल्ली में बैठकें और सभाएं तेज हो गई हैं। पिछले दिनों पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिल्ली भाजपा के नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें चुनावी तैयारियों के बारे में चर्चा हुई। उसके बाद अमित शाह की दिल्ली में सभा हुई, जिसमें उन्होंने दिल्ली के लोगों से कहा कि वे तय करें कि उन्हें ‘आप निर्भर’ होना है या ‘आत्मनिर्भर’?

भाजपा के जानकार सूत्रों का कहना है कि अगर अभी दिल्ली में नगर निगम का चुनाव हुआ तो उससे पार्टी को तीन फायदे हैं। पहला फायदा तो यह है कि आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुजरात छोड़ कर दिल्ली में उलझेंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री और दूसरे बड़े नेताओं का भी फोकस दिल्ली पर होगा। इससे वे गुजरात से बाहर निकलेंगे। दूसरा फायदा यह होगा कि आम आदमी पार्टी अभी दिल्ली में चुनाव के लिए तैयार नहीं है, जबकि भाजपा की तैयारी हो गई है। इसलिए अचानक चुनाव की घोषणा से आप को तैयारी का वक्त नहीं मिलेगा। तीसरा फायदा यह है कि गुजरात के चुनाव से जो हवा बन रही है, उसका लाभ दिल्ली में मिलेगा। भाजपा गुजरात और हिमाचल का चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर लड़ रही है और पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि दिल्ली नगर निगम का चुनाव भी पार्टी मोदी के नाम पर लड़ेगी। तभी अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि दिल्ली में भले आप की सरकार है, लेकिन ऊपर मोदीजी हैं इसलिए दिल्ली का काम नहीं रूकेगा।

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