उत्तराखंड

प्रीतम का बीजेपी पर प्रहार, कार्यक्रमों में कार्यकर्ता नहीं जुट पा रहे चार, जुमला ही बनकर रह जायेगा 60 पार, जनता करेगी सत्ता से बाहर

 

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर अब सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने विधानसभा सत्र की बार-बार तारीखों के बदलने पर धामी सरकार को घेरा है। प्रीतम सिंह ने कहा कि जब विधानसभा का शीतकालीन सत्र ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में करने की तारीख तय की गई थी तो गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने से परहेज किस बात का है। प्रीतम सिंह ने देहरादून में सत्र को लेकर उठ रहे सवाल पर कहा कि इस बारे में मुझसे कोई बातचीत नहीं की गई। कांग्रेस तो चाहती थी कि सत्र गैरसैंण में हो और वहां पर गैरसैंण को स्थाई राजधानी की घोषणा की जाये। लेकिन गैरसैंण का नाम सुनते ही न सिर्फ भाजपा को सांप सूंघ जाता है साथ ही जोरों की ठंड भी लगने लगती है। इस बार शीतकालीन सत्र में हम सरकार को ठंड में भी गर्मी का अहसास करायेंगे। हर बार जनहित के मुद्दों से भागनी वाली सरकार का चेहरा आम जनता के सामने बेनकाव करेंगे।

नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने देवस्थानम बोर्ड पर सरकार के रोलबैक और भू कानून के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि हम इस पर सदन में व्यापक चर्चा की मांग करेंगे। हम केन्द्र की तरह यहां नहीं होने देंगे। जैसे केन्द्र सरकार ने बिना चर्चा के कृषि कानून वापस ले लिया उसी तरह से राज्य सरकार भी बिना चर्चा के देवस्थानम बोर्ड का एक्ट वापस लेने की सोच रही है लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। हमारा संख्या बल भले ही सदन में सत्ता पक्ष के मुकाबले कम हो लेकिन हमारा एक-एक सदस्य सत्ता पक्ष के दस-दस सदस्यों के बराबर है।

सरकार के कामों पर सवाल खडे करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा पांच साल में सिर्फ और सिर्फ घोषणाएं की है। धरातल पर काम के नाम पर कुछ नही दिखाई देखता। कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का बोल बाला है। बिना कमीशन कोई काम नहीं हो रहा है। हर नया मुख्यमंत्री पुराने वाले के फैसलों को गलत बताकर बदलने का काम करता है। जनता मन बना चुकी है कि प्रदेश का विकास सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस कर सकती है। हम सामूहिक नेतृत्व में जनता के सामने जा रहे हैं। जनता का भरपूर प्यार और आर्शिवाद हमें मिल रहा है। सीमांत जनपद उधमसिंहनगर से लेकर चमोली तक कांग्रेस के कार्यकर्मों में उमड़ रही जनता यह बताने के लिए काफी है कि कांग्रेस आ रही है और भाजपा जा रही है।

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